Calander
अंधेरे में
मुक्तिबोध की कालजयी कविता 'अंधेरे में' के प्रकाशन का यह पचासवाँ वर्ष है। इस आधी सदी में हमने अपने लोकतंत्र में इस कविता को क्रमशः...
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वे अभिवादन में झुकते थे जबकि इतना निर्जन हुआ करता था सभागार की वे लगभग खुद के लिए ही खेल रहे होते थे एक विराट खालीपन था और उसमे एक मध्या...
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ये सर्दियाँ कुछ सरल हो गई थी, जब एक बेतरह सर्द मौसम में आरंभ हुआ इस वर्ष का भारतीय रंग महोत्सव अपनी अंतिम और मूक प्रस्तुति INHABITED GEOMETR...
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हर आदमी अपनी पिछली गलतियों से कुछ सीखता है और उसे दोबारा न दोहराने की कोशिश करता है लेकिन, भारत ही नहीं वरन एशिया महाद्वीप में अपना शीर...